Khuch baatein unkahi

Sunday, September 12, 2021

›
  दरक़ रही थी दीवार क्या करते अच्छे नहीं थे आसार क्या करते। नश्तर से खरोंच नहीं लगी कभी इस ज़ुबान का यार क्या करते। हर हाल में रहने की आदत...
Thursday, February 27, 2020

›
होली पर तिरोहे इस बार आऊँगा होली में छुट्टी ले के एक महीने की खूब खेलेंगे मिलकर हम होली लठमार बरसाने की ख़बर कुछ इस तरह भेजी थी उसने अपने...
Tuesday, January 7, 2020

तिरोही गज़ल

›
तिरोही गज़ल इश्क कोई परदा एे साज़ नहीं होता तूफान का कोई मिज़ाज नहीं होता बिना दवा दर्द का इलाज नहीं होता मर जाते प्यार में जिन्दा नहीं ...
2 comments:

तिरोही गज़ल

›
तिरोही गज़ल जब से बस गए तुम आकर यहां यह मौहल्ला बड़ा अमीर हो गया खुबसूरती की ये जागीर हो गया गुलाब की तरह महकने लगे दिल हर नज़ारा तुम...

तिरोही गज़ल

›
तिरोही गज़ल हमने अपनी नींदे भी तेरे नाम करदी सुहानी अपनी रातें भी तेरे नाम करदी सुनहरी सब सुबहें भी तेरे नाम करदी बचपन की उमंगें भी तेर...
Wednesday, December 11, 2019

›
गज़ल तिरोही हम इक पल में सदियाँ लुटा देते हैं वक्त को हर जानिब महका लेते हैं हर लम्हा मुहब्बत से सजा लेते हैं जाने फिर मोहलत मिले न मिल...

›
तिरोही गज़ल कोई खूबसूरत सा शहर देख लेते या दिल का मेरा ये नगर देख लेते मुझे अपनी खुशबू में तर देख लेते होश में रहकर के इश्क नहीं होता द...
›
Home
View web version

About Me

My photo
Satyendra Gupta
View my complete profile
Powered by Blogger.